इमली खाने के फायदे
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इमली खाने के फायदे – इमली को अंग्रेजी में ‘Tamarind’ कहा जाता है।
यह स्वाद में खट्टे होते हैं। और इसकी तासीर ठंडी होती हैं।
इमली गर्मियों में उपयोग के लिए अच्छा है। यह शरीर की गर्मी को शांत करने के लिए काफी लाभदायक होती हैं।
फोड़े, फुन्सियों के लिए –
पकी इमली का लेप फोड़े, फुन्सियों पर लगाया जाए तो वे फूट जाते हैं और उनमें से मवाद निकल जाता है।
फिर कुछ दिन के पश्चात् जख्म भर जाते हैं।
अंतड़ियों के लिए –
पुरानी इमली का गूदा अंतड़ियों का मल दूर करता है, और अंतड़ियों को साफ करने में मददगार साबित होती हैं।
पाचन शक्ति के लिए –
इमली का फाइबर पाचन क्रिया को तेज करने में मदद करती हैं जिससे पाचन शक्ति को बढ़ता है।
पित्त के लिए –
इमली के शर्बत को पीनें से पित्त तथा जनित रोग ठीक होते हैं।
गले में दर्द के लिए –
गले में दर्द और गला बन्द होने पर इमली के पत्तों के गरारे करने से यह रोग ठीक हो जाता है।
शरीर की सूजन को कम करें –
इमलियों के पत्ते शरीर की सूजन को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं।
विटामिन –
इमली में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर को मजबूत बनाने व इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करती है।
नाई बूटी
यह गुणकारी बूटी अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है।
इसकी जड़ में कन्ध होता है जिसका वजन आधा किलो तक होता है,
पत्ते कांटेदार तथा फल छोटे आकार के बेर जैसे होते हैं।
गठिया रोग को भगाएं –
गठिया रोगियों के लिए नाई बूटी बहुत उपयोगी मानी जाती है,
यदि इसकी जड़ को कूट-पीसकर चौथाई चम्मच गठिया रोगी को दिया जाए तो बीस दिन के सेवन से ही ये रोग ठीक हो जाता है।
सांप के काटे का उपचार –
नाई बूटी की जड़ से बनाये चूर्ण को सांप काटे व्यक्ति को आधा चम्मच दे दें तो सांप का जहर जाता रहेगा।
यदि सांप काटा व्यक्ति बेहोश पड़ा हो तो उसकी आंखों में चूर्ण को सुरमे की भांति डालें तो वह आदमी शीघ्र ही होश में आ जायेगा।
प्लेग रोग भगाए-
प्लेग रोग में एक गांठ सी मानव शरीर पर हो जाती है,
उस गांठ पर गाय मूत्र में मिलाकर उस चूर्ण का लेप किया जाए तो प्लेग रोग से मुक्ति मिलती है।