Nariyal khane ke fayde

Nariyal khane ke fayde

देवी-देवता की पूजा अर्चना हो या कोई अन्य मांगलिक कार्य हो, नारियल के बिना अधूरा है।

भारतीय संस्कृति में इन्हीं कारणों से नारियल का सदियों से महत्व है।

आराध्य फल होने के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी नारियल एक अहम् स्थान रखता है।

जहां तक भारतीय लोक-परम्परा में नारियल के इस्तेमाल का प्रश्न है इसे शादी-विवाह, मुंडन-पूजन, तीज-त्यौहार तथा पूजा-अर्चना करने के काम में लाया जाता है।

गोद भरने की रस्म हो या गृह प्रवेश की, कोई भी मांगलिक अनुष्ठान नारियल के बिना अधूरा है।

यहां तक कि अंतिम संस्कार में भी नारियल जरूरी माना जाता है।

नारियल विश्व में सबसे अधिक उगाये जाने वाले वृक्षों में से एक है। यह खजूर जाति का पेड़ है।

नारियल का आरंभ –

इसका आरम्भ न्यूजीलैंड के तट से माना जाता है।

जहां से यह विश्व में फैल गया।

भारत में केरल कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, बंगाल, उड़ीसा, असम राज्य तथा अंडमान-निकोबार तथा लक्षद्वीप आदि केन्द्र शासित प्रदेशों में नारियल पैदा होता है।

निरन्तर कड़ी धूप का सामना करने के कारण इसमें ताप सहने की क्षमता है।

नारियल की पैदावार –

इसकी कुल पैदावार में से पैंसठ प्रतिशत खाने के काम आता है और शेष से तेल निकाल लिया जाता है।

नारियल रेशे से गद्दे, बुश, चटाई और रस्से बनाये जाते हैं।

इसके तेल में स्वास्थ्य के लिए आवश्यक ऊर्जा, शक्ति और शीतलता के गुण निहित हैं।

नारियल के फायदे –

एक ताजे नारियल में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा तथा सल्फर आदि पाया जाता है।

ताजे नारियल के पानी में पर्याप्त मात्रा में शक्कर और विटामिन भी होता है।

नारियल ताजगी प्रदान करता है।

इस का पानी पीने से पेट साफ रहता है तथा पथरी निकल जाती है।

नारियल का पानी पीकर कच्चा नारियल खाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।

पेशाब की जलन में नारियल के पानी में गुड़ तथा हरा धनिया मिलाकर पीने से लाभ होता है।

नारियल की कच्ची गिरी में अनेक एन्जाइम होते हैं जो पाचन क्रिया में मददगार होते हैं।

मधुमेह, बवासीर में पौष्टिक अल्सर में यह रामबाण औषधि है। नारियल का गूदा सौन्दर्यवर्धक भी है।

चेहरे पर इसके गूदे को मलने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं तथा चेहरे की रंगत में निखार आता है।

मुंह में छाले हो जाने पर सूखे नारियल की गिरी तथा मिश्री मिलाकर खाने से नाक से खून आना बन्द हो जाता है।

सूखी खांसी होने पर नारियल का दूध, एक चम्मच पोस्ता दाना, एक चम्मच शहद प्रतिदिन रात्रि में सोने से पूर्व सेवन करें, लाभ होगा।

नारियल की गिरी कब्ज दूर करने में सहायक होती है।

यह आंतों में चिकनाहट पैदा कर देती है।

नारियल की गिरी मिश्री के साथ खाने से प्रसव दर्द नहीं होता तथा संतान गोरी और हृष्ट-पुष्ट होती है।

नारियल का करीब बीस प्रतिशत तेल खाने के काम में तथा शेष सौन्दर्यवर्धक पदार्थ बनाने के काम में लाया जाता है।

इससे साबुन तथा मोमबत्ती भी बनायी जाती हैं।

नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करने से रूसी दूर होती है।

नारियल के तेल में बादाम पीसकर सिर पर लगाने से सिरदर्द दूर होता है।

जलने, त्वचा के झुलसने, खुजली, दाद तथा त्वचा की किसी बीमारी में नारियल का तेल घरेलू वैद्य का काम करता है।

विभिन्न सम्प्रदायों में शगुन के तौर पर –

विभिन्न सम्प्रदायों में शगुन के तौर पर भी सदियों से नारियल का इस्तेमाल होता आया है।

हिंन्दुओं में विवाह के मौके पर घर के बड़े-बुजुर्गों को गोला या नारियल देने की प्रथा है।

पारसियों में भी पति-पत्नी को किसी भी रिश्तेदार के आने पर नारियल फोड़ने की प्रथा है।

ऐसी मान्यता है कि स्वप्न में नारियल दिखने से पुत्ररत्न की प्राप्ति होती है।

यही नहीं नारियल की लकड़ी का इस्तेमाल मकान बनाने के लिए तथा इसके रेशों के इस्तेमाल फर्नीचर आदि बनाने के लिए भी किया जाता है।

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Author: educationallof

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