Karela khane ke fayde
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Karela khane ke fayde –
प्राचीन काल से ही करेले के बारे में एक कहावत प्रचिलित है-करेला वह भी नीम चढ़ा।
इस कहावत का तात्पर्य भी यही है कि यह नीम की तरह कड़वा होने पर भी यह अपने अन्दर अनेक औषधि गुण छुपाये हुए है।
लम्बा, अंडाकार खुरदरे सतह वाला करेला दिखने में गाढ़े हरे रंग का होता है।
शाकाहारी व्यंजनों में इसका विशेष स्थान है।
कुछ इसे आलू के चिप्स की भांति खाना चाहते हैं तो ज्यादातर लोग इसके पेट को साफ करके इसमें चने और मसाले भरकर फ्राई डिश के रूप में ज्यादा पसन्द करते हैं।
करेले की तासीर ठंडी होती है। यह पचने में भी हल्का होता है।
अनेकानेक बीमारियों में डॉक्टर इसके सेवन को रामबाण की संज्ञा देते हैं।
करेले की सब्जी से कब्ज नहीं होती, बल्कि यह कब्ज दूर करने में सहायक है।
पीलिया के रोगियों के लिए यह अचूक औषधि है। करेले को पीसकर पानी मिलाकर छान लें।
इसके रस का सुबह शाम सेवन करने से पीलिया बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।
एक चम्मच करेले के रस में शक्कर मिलाकर पीने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
मधुमेह के रोगियों के लिए करेला अमृत समान माना गया है। डॉक्टर ऐसे रोगियों को इसके अधिक सेवन की सलाह देते हैं।
कच्चा करेला खाने और इसका रस पीने से बहुत आराम मिलता है।
पेट के कीड़े मारने में भी इसका बहुत उपयोग किया जाता है। कहते हैं करेले का रस निकालकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
करेले के साथ-साथ इसका छिलका भी बहुत उपयोगी है। करेले के छिलके और पत्तों को पीस कर तलवे में लेप करने से जलन से निजात मिलती है।