Tag: प्रबल विद्युत् अपघट्य और दुर्बल विद्युत् अपघट्य क्या है ?

  • फ्लुओरीन प्रबल ऑक्सीकारक प्रकृति का होता है। क्यों?

    फ्लुओरीन प्रबल ऑक्सीकारक प्रकृति का होता है। क्यों?

    फ्लुओरीन प्रबल ऑक्सीकारक प्रकृति का होता है। क्यों? जानिए , फ्लुओरीन प्रबल ऑक्सीकारक प्रकृति का होता है। क्यों? फ्लुओरीन परमाणु का आकार बहुत छोटा , ऋणविद्युत्ता उच्च एवं बंध वियोजन ऊर्जा निम्न होती हैं , इसलिए यह सरलता से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके प्रबल ऑक्सीकारक का कार्य करते हैं। समूह – 17 के तत्व रंगीन होते…

  • क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय ठोसों में अन्तर 

    क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय ठोसों में अन्तर 

    क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय ठोसों में अन्तर  जानिए , क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय ठोसों में अन्तर  क्रिस्टलीय ठोस :- 1. क्रिस्टलीय ठोस के अणु या परमाणु तीनों विमाओं में एक निश्चित क्रम में सममित रूप से व्यवस्थित होते हैं। 2. इनमें दीर्घ परास कोटि पायी जाती है। 3. इनका गलनांक निश्चित होता है। 4. इनमें विषमदैशिक गुण…

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