Pineapple khane ke fayde

Pineapple khane ke fayde

अनन्नास त्वचा को सुन्दर बनाता है, सौन्दर्य बढ़ाता है और हृदय रोग को दूर रखता है।

यह प्रोटीन को पचाता है।

इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए, बी, सी कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, चीनी, अम्लत्व इत्यादि पाये जाते हैं।

अनन्नास मूल रूप से एक विदेशी फल है।

इसका जन्म स्थान दक्षिण अमरीका का ब्राजील देश है।

लेकिन अब यह विश्व के अधिकांश गर्म भागों में होता है।

यह एक बीचपत्री कुल का पौधा है।

यह हवाई द्वीप, क्वींसलैंड, वेस्टइंडीज, फ्लोरिडा, उत्तर अफ्रीका, अजोरस द्वीप तथा, मलाया में अधिक होता है।

भारत में यह तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, असम, बंगाल और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में होता है।

उष्ण कटिबंधीय पौधा –

यह एक उष्ण कटिबंधीय पौधा है।

यह सामान्यतयः 20 और 25 वर्ष तक फल देता है, लेकिन चार-पांच फसल देने के बाद फलों का आकार छोटा होने लगता है।

अतः नये पेड़ लगाना अच्छा होता है।

इसका पेड़ लगभग तीन-चार फुट ऊंचा होता है।

फलों की लम्बाई पांच से दस इंच और वजन पांच से दस पौंड तक होता है।

कभी-कभी 20 पौंड तक के फल होते हैं।

अनन्नास पेड़ की जड़ों पर नये पौधे फूटते रहते हैं।

ये पौधे डेढ़ दो वर्ष में फल देने लगते हैं।

बीज से तैयार किए गए पेड़ को फल देने में समय, कभी-कभी आठ-दस वर्ष लग जाते हैं।

यह एक अति स्वादिष्ट फल है।

इसकी सुगन्ध मनभावन होती है। यह कुछ खट्टान लिए होता है।

इसे छील कर खाया जाता है।

 

इसके अलावा, अन्य फलों के रस में मिलाकर भी इसका सेवन किया जाता है।

अनन्नास से शर्वत, मुरब्बे और मिसरी भी बनाई जाती है।

अनन्नास फल, पत्तियों और तने में ब्रोमेलीन नाम का एन्जाइम (किण्वक) पाया जाता है। जो प्रोटीन को पचाता है।

कैरेबियन द्वीप के लोग भोजन पचाने के लिए इसका व्यापक रूप से प्रयोग करते थे।

वे लोग चोट आदि लग जाने पर घाव पर अनन्नास का गूदा बांध देते थे। इससे घाव जल्दी भर जाता था।

त्वचा क लिए –

ब्रोमेलीन त्वचा में लगाने पर मरी हुई त्वचा की सतह को निकाल कर अन्दर की कोमल त्वचा को बाहर लाता है।

अनन्नास के तनों में काफी ब्रोमेलीन होता है।

आम तौर पर तीन चार फसल के फल लेने के बाद अनन्नास के पेड़ों को काट देते हैं।

उसके तनों को एकत्र कर लिया जाता है।

तनों के बाहरी भाग को निकाल कर अन्दर के सफेद भाग को पीसकर उसका रस प्राप्त किया जाता है।

इस रस में कुछ रसायन मिलाकर ब्रोमेलीन अलग कर लिया जाता है।

ब्रोमेलीन सुखाने पर महीन सफेद चूर्ण का रूप धारण कर लेता है।

जानिए, ब्रोमेलीन का उपयोग –

ब्रोमेलीन का उपयोग अनेक तरह के रोगों के उपचार में किया जाता है।

हृदय रोग में इसका काफी प्रयोग किया जाता है।

प्रोटीन के कण रक्त वाहिकाओं के थक्के बनाकर रक्त या प्रवाह रोक देते हैं।

रक्त में प्रवाह में रुकावट होने से अनेक मनुष्य अकाल मृत्यु को प्राप्त होते हैं।

ब्रोमेलीन रक्त वाहिका में बने थक्कों की नष्ट करके रक्त के प्रवाह को सुगम बनाता है।

अनन्नास से प्राप्त एन्जाइम का प्रयोग जली हुई त्वचा के उपचार में भी किया जाता है।

जली हुई और मरी हुई त्वचा को निकाल कर जब उस पर शरीर के किसी अन्य स्थान से निकाली गई त्वचा प्रत्यारोपित की जाती है तो उसमें ब्रोमेलीन का प्रयोग अत्यन्त लाभदायक होता है।

घावों को शीघ्र भरने में –

यह सूजन को कम करने के साथ-साथ घावों को शीघ्र भरने में भी सहायता देता है। इस प्रकार गुणों से पूर्ण है अनन्नास।

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