प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -01

प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -01:-

प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -01

1. बैंगनी और लाल रंग के लिए प्रिज्म के पदार्थ के अपवर्तनांक क्रमशः 1.54 और 1.52 है। यदि प्रिज्म का कोण 10° हो तो कोणीय वर्ण-विक्षेपण होगा –

(PET 1990)

(a) 0.02°

(b) 0.2°

(c) 3.06°

(d) 30.6°

उत्तर -(b) 0.2°

2. प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश के स्पेक्ट्रम मे बैंगनी और लाल प्रकाश के न्यूनतम विचलन कोण का अन्तर 2° हैं। यदि माध्य किरण का न्यूनतम विचलन कोण 48° हो , तो प्रिज्म की वर्ण-विक्षेपण क्षमता होगी –

(PET 1990)

(A) 0.0832

(B) 0.0416

(C) 24

(D) 48

उत्तर -(B) 0.0416

3. लाल तप्त हीटर कुण्डली का स्पेक्ट्रम होगा –

(PET 1990)

(A) रेखिल

(B) संतत

(C) बैण्ड

(D) अवशोषण

उत्तर – (B) संतत

4. दो लेंसों के अभिसारी अवर्णक युग्म की क्षमता+2D है। अभिसारी लेंस की क्षमता +5D है। अभिसारी और अपसारी लेंसों की वर्ण-विक्षेपण क्षमताओं का अनुपात होगा –

(PET 1990)

(A) 2:5

(B) 3:5

(C) 5:2

(D) 5:3

उत्तर – (B) 3:5

5. पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सौर स्पेक्ट्रम में दिखाई देगीं – (PMT 1990)(प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -01)

(A) बड़ी संख्या में काली फ्रॉनहॉफर रेखाएँ

(B) कम संख्या में काली फ्रॉनहॉफर रेखाएँ

(C) कोई रेखा नहीं

(D) सभी काली फ्रॉनहॉफर रेखाएँ चमकीली रंगीन रेखाओं में बदलकर।

उत्तर – (D) सभी काली फ्रॉनहॉफर रेखाएँ चमकीली रंगीन रेखाओं में बदलकर।

6. एक माध्यम विक्षेपण उत्पन्न करता है यदि उसमें -(PMT 1990)

(A) भिन्न भिन्न तरंगदैर्घ्य का प्रकाश भिन्न भिन्न चाल से संचरण करता है।

(B) भिन्न भिन्न तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक ही चाल से संचरण करता है लेकिन उसकी आवृत्ति भिन्न भिन्न है।

(C) प्रकाश सीधे सीधे झुक जाता है।

(D) प्रकाश कभी भी पूर्णतः आंतरिक परावर्तित नहीं होता है।

उत्तर – (A) भिन्न भिन्न तरंगदैर्घ्य का प्रकाश भिन्न भिन्न चाल से संचरण करता है।

विक्षेपण क्षमता :-

7. एक उत्तल लेंस की लाल रंग और बैंगनी रंग के लिए फोकस दूरियाँ क्रमशः 100 सेमी व 96.8 सेमी हैं। लेंस के पदार्थ की वर्ण विक्षोपन क्षमता है –

(PET 1990)

(A) 0.908

(B) 0.98

(C) 0.0325

(D) 0.325

उत्तर – (C) 0.0325

8. दो लेंसों के संयोजन की फोकस दूरी लाल रंग के लिए fr तथा बैंगनी रंग के लिए fV है। अवर्णकता के लिए आवश्यक शर्त है –

(PET 1990)

(A) fv > fr

(B) fv < fr

(C) fv/fr = 1

(D) fv + fr = 1

उत्तर – (C) fv/fr = 1

9. लाल और नीले रंगो से बना प्रकाश काँच के आयताकार गुटके पर तिर्यक आपतित होता है। दूसरी ओर से देखने पर दोनों रंगीन किरणें –

(PMT 1990)

(A) एक बिन्दु पर प्रतीत होती है तथा एक दिशा में संचरण करती हैं।

(B)अलग – अलग बिन्दुओं पर प्रतीत होती हैं परन्तु एक ही दिशा में संचरण करती हैं।

(C)एक बिन्दु पर प्रतीत होती हैं और अलग-अलग दिशा में संचरण करती हैं।

(D) अलग-अलग बिन्दुओं पर प्रतीत होती हैं और अलग-अलग दिशा में संचरण करती हैं।

उत्तर – (B)अलग – अलग बिन्दुओं पर प्रतीत होती हैं परन्तु एक ही दिशा में संचरण करती हैं।

10. एक पदार्थ के लाल , बैंगनी और पीले रंग के लिए अपवर्तनांक क्रमशः 1.52 ; 1.64 तथा 1.60 हैं।पदार्थ की वर्णविक्षेपणक्षमता होगा –

(PET & PMT 1991)

(A) 2

(B) 0.45

(C) 0.2

(D) 0.045

उत्तर – (C) 0.2

न्यूनतम विचलन :-

11. एक प्रिज्म का कोण 60° , विचलन कोण 30° , आपतन कोण i तथा निर्गत् कोण e है। जब इस प्रिज्म द्वारा न्यूनतम विचलन होता है तब –

(PET 1991)

(A) i = 45°; e = 30°

(B) i = 30°; e = 45°

(C) i =45° ; e = 45°

(D) i =30° ; e = 30°

उत्तर – (C) i =45° ; e = 45°

12. एक प्रिज्म का कोण A , विचलन कोण δ, आपतन कोण i तथा निर्गत कोण e है न्यूनतम विचलन की स्थिति में –

(PET 1991)

(A) i > e

(B) i < e

(C) i = e

(D) i = e = δ

उत्तर – (C) i = e

13. स्पेक्ट्रोमीटर का मुख्यतः उपयोग होता है –

(PET 1991)

(A) प्रकाश के तरंगदैर्घ्य के मापन हेतु

(B) प्रकाश की तीव्रता के मापन हेतु

(C) प्रकाश के ध्रुवण के मापन हेतु

(D) प्रकाश के विवर्तन के मापन हेतु

उत्तर – (A) प्रकाश के तरंगदैर्घ्य के मापन हेतु

14. स्पेक्ट्रोमीटर में दूरदर्शी के अभिदृश्यक लेंस का कार्य होता है –

(PET 1991)

(A) किरणों को समान्तर करना

(B) किरणों को प्रकीर्ण करना

(C) किरणों को अभिसारित करना

(D) किरणों को अपसारित करना।

उत्तर – (C) किरणों को अभिसारित करना।

15. एक अवर्णक प्रिज्म दो प्रिज्मों P₁ (μv = 1.523 ,μr = 1.515) तथा P₂(μv’ = 1.666 , μr’= 1.650) को मिलाकर बनाया जाता है। यदि P₁ का अपवर्तन कोण 10° हो , तो P₂ का अपवर्तन कोण होगा –

(PMT 1991)

(A) 5°

(B) 7.8°

(C) 10.6°

(D) 20°

उत्तर – (A) 5°

विक्षेपण :-

16. एक प्रिज्म (μ = 1.54) का कोण 4° है , इसे दूसरे प्रिज्म (μ = 1.72) के साथ इस प्रकार जोड़ा जाता है कि बिना विचलन के विक्षेपण प्राप्त हो। दूसरे प्रिज्म का कोण होगा –

(PET 1991 & PMT 1991 ,92)

(A). 5.33°

(B). 4°

(C). 3°

(D). 2.6°

उत्तर – (C). 3°

17. क्राउन तथा फ्लिण्ट काँच की विक्षेपण क्षमताएं क्रमशः 0.01 और 0.02 हैं। क्राउन काँच के लेंस की क्षमता +10D है। अवर्णक लेंस संयोग के लिए फ्लिण्ट काँच के लेंस की क्षमता होगी –

(PMT 1991)

(A). -5D

(B). 5D

(C). 10D

(D). 20D

उत्तर – (A). -5D

18. विक्षेपण हो सकता है –

(PET 1991)

(A). केवल अनुप्रस्थ तरंगों में , अनुदैर्ध्य तरंगों में नहीं

(B). केवल अनुदैर्ध्य तरंगों में , अनुप्रस्थ तरंगों में नहीं

(C). अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य दोनों तरंगों में

(D). न तो अनुप्रस्थ और न ही अनुदैर्ध्य तरंगों में।

उत्तर – (A). केवल अनुप्रस्थ तरंगों में , अनुदैर्ध्य तरंगों में नहीं।

19. एक समक्ष दृष्टि स्पेक्ट्रमदर्शी में प्रिज्मों को इस प्रकार सटाकर रखा जाता है कि –

(PET 1992)

(A). विचलन सहित वर्ण विक्षेपण हो

(B). विचलन रहित वर्ण विक्षेपण हो

(C). वर्ण विक्षेपण रहित विचलन हो

(D). न तो विचलन हो और न ही वर्ण विक्षेपण हो केवल प्रकाश स्त्रोत समक्ष दृष्टिगोचर हो।

उत्तर – (B). विचलन रहित वर्ण विक्षेपण हो।

20. दो पतले लेंस , एक10 सेमी फोकस दूरी का उत्तल लेंस तथा दूसरा 30 सेमी फोकस दूरी का अवतल लेंस , एक-दूसरे के सम्पर्क में रखे गए हैं। यदि यह संयोजन एक अवर्णक लेंस युग्म के सदृश्य हो , तो उनकी वर्ण विक्षेपण क्षमताओं का अनुपात होगा –

(PET 1992)

(A). 1:3

(B). -3:1

(C). 3:1

(D). -1:3

उत्तर – (A). 1:3

स्पेक्ट्रम :-

21. CO₂ गैस का उत्सर्जन स्पेक्ट्रम होता है –

(PET 1992)

(A). रेखिल

(B). बैण्ड

(C). संतत

(D). दृष्टि क्षेत्र में नहीं।

उत्तर – (B). बैण्ड।

22. सत्य कथन है –

(PET 1992)

(A). फ्रॉनहॉफर रेखाएँ लाक्षणिक उत्सर्जन रेखाएँ होती हैं

(B). फ्रॉउनहोफर रेखाएँ लाक्षणिक अवशोषण रेखाएँ होती हैं

(C).किसी तारे से प्राप्त प्रकाश का स्पेक्ट्रम उसकी आयु का द्योतक होता है

(D).किसी तारे से प्राप्त प्रकाश का स्पेक्ट्रम उसके आकार का द्योतक होता है।

उत्तर – (B). फ्रॉउनहोफर रेखाएँ लाक्षणिक अवशोषण रेखाएँ होती हैं।

23. एक प्रकाश किरण एक प्रिज्म के ऊपर न्यूनतम विचलन की स्थिति में आपतित होती है और 34° का विचलन होता है। यदि प्रिज्म का आधा चिन्हित हिस्सा तोड़ दिया जाये तो वहीं किरण –

(PMT 1992)

(A).34° से विचलित होगी

(B). 68° से विचलित होगी

(C). 17° से विचलित होगी

(D). प्रिज्म से बाहर नहीं निकलेगी।

उत्तर – (C). 17° से विचलित होगी।

24.एक उत्तल लेंस और एक अवतल लेंस के संयोजन से अवर्णक लेंस युग्म बनाने के लिए –

(PMT 1992)

(A). दोनों लेंसों की क्षमताएं समान होनी चाहिए

(B). दोनों लेंसों कआ अपवर्तनांक समान होनी

(C). चाहिए दोनों लेंसों की वर्ण विक्षेपण क्षमता समान होनी चाहिए

(D). दोनों लेंसों की क्षमता व वर्ण विक्षेपण क्षमता का गुणनफल समान होनी चाहिए।

उत्तर – (D). दोनों लेंसों की क्षमता व वर्ण विक्षेपण क्षमता का गुणनफल समान होनी चाहिए।

25. एक उत्तल लेंस और अवतल लेंस को जोड़कर एक अवर्णक संयोजन प्राप्त करना है। यदि इस युग्म को स्पेक्ट्रोमीटर के समान्तरित्र में लगाना हो तो विक्षेपण क्षमता अधिक होनी चाहिए –

(PMT 1992)

(A). उत्तल लेंस की

(B). अवतल लेंस की

(C). किसी भी लेस की

(D). दोनों लेंसों की विक्षेपण क्षमता समान होनी चाहिए।

उत्तर – (B). अवतल लेंस की।

प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -02 :-

प्रिज्म से अपवर्तन सम्बंधित बहुविकल्पीय प्रश्न Part -03 :-

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Author: educationallof

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